Monday, February 21, 2011

mountaineering ka maza lucknow me !!

 Mountaneering का नाम लेते ही हमरे मन में गुदगुदी होती है आँखों में नैनीताल की पहाडियों के अनूठे दृश्य छा जाते हैं. वो पहाड़ो की  वादियाँ ठंडी हवाएं और हरे हरे पेड़ .जिसमे पहाड़ों पे सैर करना और उनपर चढ़ाई करना मन में एक गज़ब का रोमांच पैदा कर देता है. वैसे मेरे लिए mountaneering का अनुभव नया नहीं है पर अगर आप बिना कहीं जाए mountaineering का मज़ा लेना चाहते है तो आप लखनऊ में मानव-रचित पहाड़ो का आनंद ले सकते है.

 पर इस मज़े में आपको ठंडी हवा के जगह गाड़ियों से निकलता धुआ और हरे हरे पेड़ों की जगह तरह तरह की गाड़ियाँ नज़र आएंगी .... मै बात कर रही हूँ लखनऊ में पाए जाने वाले बड़े बड़े मिटटी के ढेरों की .... पर "इस" पहाड़ पर चढ़ने से पहले आनंद लेने के बजाए आप  गड्ढो पर धयान दे. नहीं तो कहीं आपकी हालत भी  बोरवेल में गिरे "प्रिंस" की  तरह न हो जाए.
  सरकार का हमें दिल से शुक्रगुजार होना चाहिए की उनकी बदौलत लखनऊ में जगह जगह खुदा नसीब हुआ. 

  

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